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PAC के सामने पेश हुए RBI गवर्नर को पकड़ाया गया ‘नकली नोट’, हुए ट्रम्प-ब्रेक्सिट से जुड़े सवाल

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल लोक लेखा समिति (PAC) के सामने पेश हुए। शुक्रवार (20 जनवरी) को हुई उस बैठक में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता नरेश अग्रवाल ने उर्जित पटेल के हाथ में नकली नोट रख दिए थे। उनको रखकर नरेश अग्रवाल ने कहा कि देखिए नए नोटों के जाली नोट अभी से छपने लगे हैं। PAC ने उर्जित पटेल से तीन घंटे से ज्यादा तक पूछताछ की। बातचीत में नोटबंदी के अलावा भी कई मुद्दे शामिल थे। पीएसी के सदस्य उर्जित पटेल से यूएस में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने और ब्रेग्जिट के बारे में भी बात की। वे लोग उर्जित पटेल से जानना चाहते थे कि उन सब से भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, कुछ सांसदों को उर्जित से ऐसे सवाल पूछे जाने पर आपत्ति थी। जिसमें तृणमूल कांग्रेस के शेखर राय शामिल थे। उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल नोटबंदी के मुद्दे से भटकने के लिए किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि नोटबंदी से क्या फायदा और नुकसान हुआ उसके लिए PAC ने सरकार और RBI गवर्नर से पूछताछ करने की बात कही थी। PAC प्रमुख के वी थॉमस ने पीएम मोदी से भी पूछताछ की बात कही थी। हालांकि, बाकी सदस्यों के विरोध के बाद PAC प्रमुख के वी थॉमस ने अपना बयान वापस ले लिया।

PAC के सामने वित्त मंत्रालय ने यह बताया था कि नोटबंदी के दौरान एक भी जाली नोट नहीं पकड़ा गया। इससे सरकार के उस दावे पर सवाल खड़े हुए जिसमें कहा गया था कि नोटबंदी से जाली नोट पकड़े जाएंगे।

PAC ब्रिटिश कालीन सभी संसदीय समितियों में सबसे पुरानी है। पीएसी सरकार द्वारा किए गए खर्च, संसद से पारित नीतियों के क्रियान्वयन, आर्थिक सुधारों और प्रशासनिक सुधारों इत्यादि की निगरानी करती है।