स्कूलों में कार्यरत स्टॉफ को नियमित रूप से आना होगा स्कूल

Share

स्कूलों में कार्यरत स्टॉफ को नियमित रूप से आना होगा स्कूल
रायपुर, 22 मार्च 2021/ राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए आगामी आदेश तक राज्य के समस्त शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल बंद रहने के दौरान स्कूलों में कार्यरत समस्त स्टॉफ, शिक्षणगण और अन्य कर्मचारियों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि स्कूल बंद रहने के दौरान स्कूलों में कार्यरत स्टॉफ कोरोना संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूर्व की भांति सभी कार्यालयीन दिवसों में शत्-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें। इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के आदेशानुसार कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ऑफलाइन मोड में ली जाएंगी। 
क्रमांक-7821/चतुर्वेदी/विवेक
शिक्षा विकास की कुंजी: डॉ. वैष्णव
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्यों, विषय शिक्षकों का उन्मुखीकरण एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण का अंतिम चरण प्रारंभ

रायपुर, 22 मार्च 2021/ एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्यों और विषय शिक्षकों के उन्मुखीकरण और क्षमता विकास प्रशिक्षण के अंतिम चरण के प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त संचालक एवं राजभवन सचिवालय में उपसचिव डॉ. टी.आर. वैष्णव ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में ग्रामीण परिवेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी अध्ययनरत होते हैं, अतः इनकों अच्छी शिक्षा प्रदान करना हमारा प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जनजाति विकास की कुंजी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने में आप महत्वूपर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में अंतिम चरण का प्रशिक्षण आज से प्रारंभ हुआ जो 25 मार्च तक चलेगा। अंतिम चरण के प्रशिक्षण में विद्यालयों के प्राचार्यों और गणित के शिक्षकों को मुख्य रूप से नेतृत्व क्षमता एवं प्रबंध की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। 
डॉ. वैष्णव ने आदिवासी विकास की समस्याओं व उनके समाधान विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा दो प्रकार ही होती है- औपचारिक और अनौपचारिक। अनौपचारिक शिक्षा में व्यक्ति अपने माता-पिता, दोस्तों और अपने आस-पास के परिवेश से सीखता है, वहीं औपचारिक शिक्षा के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थाआंे के माध्यम से ज्ञान अर्जन होता है। शिक्षा के दोनों ही माध्यम अति महत्वपूर्ण हैं। एक सभ्य नागरिक बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रशिक्षण में उपस्थित सभी प्राचार्य और विषय शिक्षक औपचारिक शिक्षा ग्रहण करने आए हैं। अतः पूरी ईमानदारी से प्रशिक्षण सत्र का लाभ उठाएं। 
आदिमजाति विभाग के उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान की मूलभूत अवधारणा में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए किए गए प्रावधानों की चर्चा की तथा इन प्रावधानों का अधिकाधिक लाभ इन वर्गों के विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर बल दिया। परिचर्चा के दौरान प्राचार्यों ने सीबीएसई पैटर्न से शिक्षा में अध्ययन सामग्री और शिक्षण तकनीक की कमी दूर किए जाने संबंधी समस्या बताई। श्री सेठ ने कहा कि सीबीएसई की वेबसाइट पर एनसीईआरटी की पुस्तकें, पूर्व वर्षों के प्रश्न पत्र और उनके हल सभी कुछ उपलब्ध है। इसके माध्यम से सफलतापूर्वक पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए प्रशिक्षण में उपस्थित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के विषय-विशेषज्ञ की मदद ली जा सकती है। 
उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धति से अवगत कराने के साथ ही उनमें पेशेवर क्षमतावर्धन करना है। जिससे उनमें विषय की बेहतर समझ विकसित हो सके और वे विद्यार्थियों को बहुत ही सरल तरीके से विषय संबंधी ज्ञान दे सकें। सीबीएसई पैटर्न के आधार पर शिक्षण संबंधी पहली बार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से सीबीएसई बोर्ड के आधार पर शिक्षण तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 9 से 12 मार्च में अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे चरण में 15 से 18 मार्च तक हिन्दी और विज्ञान विषय के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। अंतिम चरण में 22 से 25 मार्च तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्यों और गणित विषय के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर की संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के विषय-विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क सहायता दी जा रही है। 
क्रमांक-7822/चतुर्वेदी/विवेक–00–
विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की शपथ

रायपुर, 22 मार्च 2021/ विश्व जल दिवस के अवसर पर जल ही जीवन है, जल की उपयोग, संरक्षण और की शपथ ली गई। जशपुर जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत कार्यरत स्वच्छग्रहियोे, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जल संरक्षण एवं जल स्रोतों की बचाव के लिए सामुहिक श्रमदान करके स्वच्छ जल बेहतर कल का संदेश दिया गया। जिले के कुनकुरी, फरसाबहार, जशपुर पत्थलगांव सहित अन्य विकासखंडो के ग्राम पंचायतों में सामूहिक श्रम दान किया गया। जिसके अंतर्गत विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत बोखी, पत्थलगांव के ग्राम पंचायत खरीढोढ़ी सहित अन्य स्थानों पर स्वच्छाग्रही एवं ग्रामीणों द्वारा तालाब, नाला, हेण्डपंप, कुंआ सहित अन्य जल स्त्रोतों के पास श्रम दान कर एवं हाथ धुलाई, रैली, स्वच्छता संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सभी स्वच्छाग्रहियों एवं ग्रामीणों के हाथ धुलाकर जल स्त्रोतों के संरक्षण, एवं स्वच्छता का संदेश दिया गया। साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं पेयजल के सुरक्षित उपयोग हेतु विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की शपथ ली गई।
      इस दौरान स्वच्छाग्रहियों द्वारा पेय जल का सुरक्षित रख-रखाव एवं डंडी वाले लोटे के इस्तेमाल हेतु प्रेरित किया गया वही दूसरी और जल स्रोतों के आसपास बर्तन ना साफ करने के लिए लोगों को समझाईश दी गई एवं अपील की गई कि हैंडपंपों के पास बर्तन साफ ना करें, साथ ही जल स्रोतों से बहने वाले बेकार पानी को सड़कों पर बहाने की बजाय इनका उपयोग छोटी-छोटी पोषण बाड़ी में उपयोग किया जा सकता है। जिससे पोषण बाड़ी में जल की उपलब्धता होगी एवं गंदगी से निजात मिल पाएगी। इसके साथ ही ग्रामीणों को जल जनित बिमारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। 
क्रमांक-7816/सीएल/विवेक–00–
पढ़ना-लिखना अभियान
स्वयंसेवी शिक्षकों का प्रशिक्षण और कक्षाएं स्थगित

रायपुर, 22 मार्च 2021/ कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए पढ़ना-लिखना अभियान अंतर्गत विकासखण्ड और संकुल स्तर पर आयोजित स्वयंसेवी शिक्षकों का ऑफलाइन प्रशिक्षण और ऑफलाइन साक्षरता कक्षाएं आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक एवं सदस्य सचिव श्री डी. राहुल वेंकट ने इस आशय के आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन को जारी कर दिए हैं।


Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *